सती प्रथा एक कानूनी अपराध है तथा हम इस प्रथा का पुरजोर विरोध करते हैं ... माँ ज्ञानो सती माता श्री ज्ञानों सती देवी पित्रों की अधिष्ठात्री एवं माता पार्वती का अवतार मानी जाती हैं उत्तर भारत के रामायण कालीन प्रागैतिहासिक इस मेरठ नगर (मयराष्ट्र नगर) की छावनी क्षेत्र मैं स्थित ढोलकी मोहल्ले की रहने वाली थी करुणामई मां ज्ञानों सती एक पतिव्रता नारी थी देवी के पति श्री राजपूताना घराने के वंशज थे तथा किसी रियासत कि सेना के सेनानायक थे और संवत 1080 मैं रणक्षेत्र मैं वीरगति को प्राप्त हुए थे जब माता सती को यह संदेश मिला तो माता सती अपने पति के शव को लेकर घुड़सवारी करते हुए मेरठ मैं स्थित मयदंत दानव के इस खाण्डव वन सूरजकुंड क्षेत्र मैं जगत प्रसिद्ध रावण की अर्धांगिनी मन्दोदरी द्वारा प्रतिस्थापित श्री मंसा देवी मन्दिर परिसर के पवित्रतम स्थल पर योगाग्नि द्वारा सतीत्व को प्राप्त हुई थी। एक प्रमाण सर्वेक्षण के अनुसार योगाग्नि द्वारा सतीत्व प्राप्त कर ब्रह्मलीन होने वाली सतियो के संपूर्ण भारत मैं कुल 12 शक्ति स्थल है जिसमें उत्तराखंड मैं मात्र सूरजकुंड स्थित मां ज्ञानो...